(Khatana Gurjar Riyasat Samthar)flag
उत्तर प्रदेश में स्थित वर्तमान एवं प्राचीन गुर्जर रियासत समथर के महाराजा #राधाचरणसिंह_जूदेव_खटाना जी का एक दुर्लभ चित्र ।।🚩🚩🙏
पिताश्री -- राजा वीर सिंह गुर्जर जूदेव । समथर राज्य की स्थापना सन 1740 ईस्वी में महाराजा मदन सिंह जूदेव गुर्जर जी के द्वारा रखी गई थी ll भारत में गुर्जरों की सबसे बड़ी रियासत समथर रियासत थी मानी जाती है इन्हीं के पूर्वजों ने अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने वाली रणचंडी रानी लक्ष्मीबाई का संपूर्ण रूप से तन मन और धन से सहयोग किया था एक संकट के समय जब रानी लक्ष्मीबाई के पास सवारी के लिए कोई साधन नहीं था तो समथर गुर्जर रियासत के रणधीरों ने अपना घोड़ा और कुछ सेना रानी लक्ष्मी बाई को सहयोग में दी थी।।
महारानी लक्ष्मीबाई झांसी से भांडेर होती हुई गुर्जर राज्य समथर स्टेट में आई। जहां उनकी भोजन ब्यबस्था के साथ उनको बैठने के लिए घोड़ा दिया गया।
सर हृयूरोज के आने से पहले वह लोहागढ़ होती हुई कोंच निकल गई। वहां से उन्हें कालपी से बिठूर जाना था।
जब हृयूरोज समथर स्टेट के लोहागढ़ गढ़ी पुंहचा जहां लोहागढ़ के लोगों ने अंग्रेजों के साथ भीषण युद्ध किया और सैकड़ों अंग्रेजों को मार दिया। युद्ध के समय लोहागढ़ के रहने वाले चौधरी डरु सिंह गुर्जर की शादी होकर बारात वापिस लौट आई उसी समय युद्ध होने लगा तो चौधरी डरु सिंह ने अपनी नव नवेली दुल्हन का मुंह तक नहीं देखा था। वह युद्ध करने चले गए। युद्ध करते हुये बहुत से अंग्रेज सैनिक मारे। इसी बीच किसी अंग्रेज ने तलबार से उन पर हमला कर दिया जिससे उनका सिर धड़ से अलग हो गया। इसके बाद भी उनका शरीर दोनों हाथों से तलवार घुमाता हुआ युद्ध में घूमता रहा।
Gurjar Raja RadhaCharan Singh Judeov)
सत्रहवीं सताब्दी में बुंदेलखंड अत्यंत छोटे छोटे राज्यों में विभक्त था। दतिया के भगवान राय के काल में (संवत १६२६-१६५६) #समथर_राज्य अस्तित्व में आया। दतिया के महाराजा इन्द्रजीत सिंह के शासन काल में समथर राजधर की उपाधि से #खटाणा&गुर्जर राज्य की स्थापना हुयी। मर्दन सिंह को #समथर की किलेदारी सौपी गयी और समथर स्टेट धीरे धीरे दतिया के अधीन सुद्रढ़ राज्य के रूप में स्थापित हो गया। कई शासकों ने इस राज्य की प्रगति में योगदान दिया। झाँसी गजेटियर के अनुसार, जो इस बात की पुष्टि भी करता है कि समथर के स्वतंत्र राज्य की नीव चंद्रभान वीर गुर्जर और उनके पोते मदन सिंह, दतिया के राजा के द्वारा डाली गई थी।
1- श्री नौने शाह (1735-1740)
2- श्री मदन सिंह जूदेव (1740-1745)
3- श्री राजधर विश्हना सिंह (1745-1790)
4- श्री राजा देवी सिंह जूदेव (1791-1800)
5- श्री #राजा_रणजीतसिंह (प्रथम) (1800-1815)
6- श्री राजा रणजीत सिंह (द्वितीय) (1815-1827)
7- श्री महाराजा हिन्दू पति जूदेव (1827-1858)
8- श्री महाराजा चतुर सिंह #जूदेव (1865-1896)
9- श्री महाराजा वीर सिंह जूदेव (1896-1935)
10- श्री महाराजा राधाचरण सिंह जूदेव (1935-1947)
11- श्री महाराजा रणजीत सिंह जूदेव (तृतीय ) (1947- अद्यतन
इतिहास - #झाँसी क्रांति के समय में समथर राज्य अंग्रेजों के अधीन था। झाँसी क्रांति के पूर्व से ही समथर राज्य मराठों की उदीयमान शक्ति का सहयोगी रहा है,
समथर खटाना गुर्जर रियासत का प्रतीक चिन्ह ⛳
वर्तमान राजा समरजीत सिंह जूदेव खटाना ⛳🙏
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